घातक रसौली के लक्षण क्या हैं?HealthPlanet

Posted on Mon 19th Dec 2022 : 14:26

गर्भाशय फाइब्राॅइड (गर्भाशय में गांठ) के कारण-

गर्भाशय फाइब्राॅइड के कारण कुछ इस प्रकार हैं-
गर्भाशय में रसौली अर्थात् गर्भाशय फाइब्रॉइड की समस्या, आनुवांशिक भी हो सकती है। अगर परिवार में किसी महिला को ये बीमारी है तो ये पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ सकती है। या फिर ये हार्मोन के स्त्राव में आए उतार-चढ़ाव की वजह से भी हो सकता है। बढ़ती उम्र, प्रेग्नेंसी, मोटापा भी इसका एक कारण हो सकते हैं। फाइब्रॉइड बीमारी से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि 99 फीसदी ये बीमारी बिना कैंसर वाली होती है।
गर्भाशय फाइब्रॉइड (गर्भाषय में गांठ) के लक्षण-

गर्भाशय फाइब्राॅइड के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं-
माहवारी के समय या बीच में ज्यादा रक्तस्राव, जिसमे थक्के शामिल हैं।
नाभि के नीचे पेट में दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द।
बार-बार पेशाब आना।
मासिक धर्म के समय दर्द की लहर चलना।
यौन सम्बन्ध बनाते समय दर्द होना।
मासिक धर्म का सामान्य से अधिक दिनों तक चलना।
नाभि के नीचे पेट में दबाव या भारीपन महसूस होना।
प्राइवेट पार्ट से खून आना।
कमजोरी महसूस होना।
पेट में सूजन।
एनीमिया।
कब्ज।
पैरों में दर्द।
अगर गर्भाशय फाइब्रॉइड का आकार बड़ा हो चुका है तो डॉक्टर्स इसका इलाज या तो दवाइयां दे कर करते हैं या फिर दूरबीन वाली (Hysteroscopy/Laparoscopy) सर्जरी द्वारा।

प्रेग्नेंसी और गर्भाषय फायब्रॉइड-
भले ही यूट्रस में कोई फायब्रॉइड छोटा सा हो, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान वह भी गर्भ की तरह ही बढने लगता है। शुरुआती महीनों में इसकी ग्रोथ ज्यादा तेजी से होती है। इसमें बहुत दर्द और ब्लीडिंग होती है, कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड सकता है। लेकिन आज के समय में डॉक्टर, यूट्रस के भीतर तक देख कर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि फायब्रॉइड विकसित होते भ्रूण की जगह न ले सकें। अल्ट्रासाउंड के जरिये भ्रूण और फायब्रॉयड्स के विकास की पूरी प्रक्रिया को देखा जा सकता है। कई बार फायब्रॉयड्स सर्विक्स की साइड में या लोअर साइड में हों तो इनसे बर्थ कैनाल ब्लॉक हो जाती है और नॉर्मल डिलिवरी नहीं हो सकती, तब सी-सेक्शन करना पडता है।
गर्भाशय फाइब्रॉइड (गांठ) का उपचार-

गर्भाशय फाइब्रॉइड का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि आपके अंदर किस प्रकार के लक्षण नजर आ रहे हैं। अगर आपको फाइब्रॉइड है, लेकिन कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, तो इलाज की जरूरत नहीं होती। फिर भी डॉक्टर से नियमित रूप से जांच करवाते रहें। वहीं, अगर आप मीनोपाॅज़ के पास हैं, तो आपके फाइब्रॉइड सिकुड़ने लगते हैं। इसके अलावा, अगर आपमें फाइब्रॉइड के लक्षण नजर आते हैं, तो उनका इलाज बीमारी की स्थिति के अनुसार किया जाता है।

गर्भाशय फाइब्रॉइड (गांठ) का उपचारः दवा आधारित इलाज-
लक्षणों के अनुसार डॉक्टर आपको कुछ दवाईयां दे सकते हैं, जो फाइब्रॉइड के प्रभाव को कम करने का काम करती हैं। ये दवाएं इस प्रकार हैंः
दर्द निवारक दवाएं
गर्भनिरोधक गोलियां
प्रोजेस्टिन-रिलीजिंग इंट्रायूटरिन डिवाइस (IUD)
गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन एगोनिस्ट (GnHRa)
एंटीहार्मोनल एजेंट या हार्मोन मॉड्यूलेटर

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